
maa Lakshmi Puja: पूरी दुनिया मे हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी (Lakshmi)को धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है। माँ लक्ष्मी को लक्ष्मी देवी (Lakshmi Devi), लक्ष्मी माता (Lakshmi Mata), महा लक्ष्मी (Maha Lakshmi) और गॉडेस लक्ष्मी (Lakshmi Goddess) के नाम से भी जाना जाता है।
भारत में हर साल Diwali के पावन अवसर पर लक्ष्मी पूजा (Lakshmi Puja) विशेष रूप से की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी देवी (Goddess Lakshmi Devi) पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और स्वच्छ व भक्तिभाव वाले घरों में निवास करती हैं।
लक्ष्मी पूजा करने से घर में धन, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार माँ लक्ष्मी के आठ दिव्य रूप होते हैं जिन्हें Ashta Lakshmi (अष्टलक्ष्मी – Ashta Lakshmi) कहा जाता है, जैसे धन लक्ष्मी (Dhana Lakshmi), आदि लक्ष्मी (Adi Lakshmi), गज लक्ष्मी (Gaja Lakshmi) आदि।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि माता लक्ष्मी पूजा क्या है (What is Lakshmi Puja), लक्ष्मी पूजा की विधि (Lakshmi Puja Vidhi), लक्ष्मी माता की आरती (Lakshmi Mata Aarti), लक्ष्मी चालीसा (Lakshmi Chalisa), अष्टलक्ष्मी के 8 रूप (Ashta Lakshmi Forms)
लक्ष्मी पूजा क्या है (What is Maa Lakshmi Puja)
लक्ष्मी पूजा (Lakshmi Puja) एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें भक्त माँ लक्ष्मी (Lakshmi Maa) की पूजा करके धन और समृद्धि की कामना करते हैं।
यह पूजा विशेष रूप से दिवाली (Diwali Lakshmi Pooja) के दिन की जाती है, लेकिन कई लोग हर शुक्रवार (Friday Lakshmi Puja) को भी इसे करते हैं।
इस पूजा के दौरान भक्त:
- दीप जलाते हैं (Lighting Oil Lamps)
- लक्ष्मी माता की आरती करते हैं (Lakshmi Mata Aarti)
- ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata) भजन गाते हैं
माँ लक्ष्मी का महत्व (Importance of Lakshmi Goddess)
लक्ष्मी देवी (Goddess Lakshmi Devi) को हिंदू धर्म में समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है।
लक्ष्मी देवी के प्रतीक (Symbols of Lakshmi Goddess)
| प्रतीक | अर्थ |
|---|---|
| कमल का फूल (Lotus Flower) | पवित्रता और आध्यात्मिकता |
| सोने के सिक्के (Gold Coins) | धन और संपत्ति |
| हाथी (Elephants) | शक्ति और राजसी वैभव |
| वर मुद्रा (Blessing Gesture) | आशीर्वाद और सुरक्षा |
माँ महा लक्ष्मी (Maha Lakshmi Devi) की पूजा करने से:
- आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
- व्यापार में सफलता मिलती है
- घर में सुख और शांति आती है
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
लक्ष्मी पूजा कब की जाती है (When to Perform Lakshmi Puja)
भारत में लक्ष्मी पूजा (Lakshmi Puja) कई अवसरों पर की जाती है।
प्रमुख अवसर (Major Lakshmi Puja Festivals)
| पर्व | महत्व |
|---|---|
| दिवाली लक्ष्मी पूजा (Diwali Lakshmi Puja) | सबसे महत्वपूर्ण |
| वरलक्ष्मी पूजा (Varalakshmi Puja) | दक्षिण भारत में प्रसिद्ध |
| शरद पूर्णिमा (Kojagiri Lakshmi Puja) | विशेष पूजा |
| शुक्रवार लक्ष्मी पूजा (Friday Lakshmi Puja) | साप्ताहिक पूजा |
लक्ष्मी पूजा सामग्री (Lakshmi Puja Samagri)
लक्ष्मी पूजा के लिए निम्न सामग्री की आवश्यकता होती है।
आवश्यक सामग्री (Lakshmi Puja Samagri List)
मिठाई (Sweets), लक्ष्मी माता की मूर्ति (Lakshmi Mata Idol), गणेश जी की मूर्ति (Lord Ganesh Idol),पूजा कलश (Kalash), हल्दी और कुमकुम (Turmeric and Vermillion)
चावल (Rice), फूल और माला (Flowers and Garland),दीपक और घी (Oil Lamp and Ghee), नारियल (Coconut)
लक्ष्मी पूजा विधि (Lakshmi Puja Vidhi – Step by Step)
1. घर की सफाई (Home Cleaning)
सबसे पहले घर को साफ करें क्योंकि माना जाता है कि लक्ष्मी माता (Lakshmi Maa) स्वच्छ स्थान पर ही आती हैं।
2. पूजा स्थान तैयार करें (Prepare Puja Place)
पूजा स्थान पर लक्ष्मी देवी (Lakshmi Devi) और गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें।
3. कलश स्थापना (Kalash Sthapana)
पूजा के दौरान कलश में पानी भरकर उस पर नारियल रखें।
4. दीप जलाना (Lighting Diyas)
घी या तेल का दीपक जलाएं।
5. आरती और मंत्र (Aarti and Mantra)
लक्ष्मी माता की आरती (Lakshmi Mata Ki Aarti) और मंत्र का जाप करें।
अष्टलक्ष्मी के 8 रूप (Ashta Lakshmi – 8 Forms of Lakshmi)
हिंदू धर्म के अनुसार अष्टलक्ष्मी (Ashta Lakshmi) माँ लक्ष्मी के आठ दिव्य रूप हैं।
| लक्ष्मी रूप | अर्थ |
|---|---|
| आदि लक्ष्मी (Adi Lakshmi) | मूल शक्ति |
| धन लक्ष्मी (Dhana Lakshmi) | धन की देवी |
| धान्य लक्ष्मी (Dhanya Lakshmi) | अन्न और भोजन |
| गज लक्ष्मी (Gaja Lakshmi) | शक्ति और वैभव |
| संतान लक्ष्मी (Santana Lakshmi) | संतान सुख |
| वीर लक्ष्मी (Veera Lakshmi) | साहस |
| विद्या लक्ष्मी (Vidya Lakshmi) | ज्ञान |
| विजय लक्ष्मी (Vijaya Lakshmi) | सफलता |
लक्ष्मी नारायण का महत्व (Lakshmi Narayan Importance)
Lakshmi Narayan का अर्थ है माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु (Vishnu) का दिव्य रूप।
हिंदू धर्म में माना जाता है:
- विष्णु संसार का पालन करते हैं
- लक्ष्मी धन और समृद्धि देती हैं
इसलिए कई मंदिरों में लक्ष्मी नारायण (God Lakshmi Narayan) की पूजा की जाती है।
लक्ष्मी माता की आरती (Lakshmi Mata Aarti)
सबसे प्रसिद्ध आरती है:
ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata)
ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। मैया सुख सम्पत्ति दाता॥
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता। मैया तुम ही शुभदाता॥
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। मैया सब सद्गुण आता॥
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। मैया वस्त्र न कोई पाता॥
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। मैया क्षीरोदधि-जाता॥
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता। मैया जो कोई जन गाता॥
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। ऊं जय लक्ष्मी माता।।

दोहा
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् सुरेश्वरि। हरिप्रिये नमस्तुभ्यम्, नमस्तुभ्यम् दयानिधे।।
पद्मालये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं च सर्वदे। सर्व भूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं।।
सब बोलो लक्ष्मी माता की जय, लक्ष्मी नारायण की जय।
आरती पूरी होने के बाद तुलसी में आरती जरूर दिखाना चाहिए, इसके बाद घर के लोगों को आरती लेनी चाहिए।
यह लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti) दिवाली और अन्य पूजा में गाई जाती है।
लक्ष्मी चालीसा (Lakshmi Chalisa)
लक्ष्मी चालीसा (Lakshmi Chalisa) माँ लक्ष्मी की स्तुति का एक महत्वपूर्ण पाठ है।
इसे पढ़ने से:
- आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं
- व्यापार में सफलता मिलती है
- घर में शांति आती है
वरलक्ष्मी पूजा (Varalakshmi Puja)
दक्षिण भारत में Varalakshmi Vratam को वरलक्ष्मी पूजा (Varalakshmi Puja / Varalaxmi Pooja) कहा जाता है।
इस दिन महिलाएं:
- व्रत रखती हैं
- महा लक्ष्मी देवी (Maha Lakshmi Devi) की पूजा करती हैं
- परिवार की समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं
दिवाली लक्ष्मी पूजा (Diwali Lakshmi Puja)
Diwali के दिन होने वाली दिवाली लक्ष्मी पूजा (Diwali Lakshmi Pooja) सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस दिन:
- घर में दीप जलाए जाते हैं
- रंगोली बनाई जाती है
- लक्ष्मी माता की आरती की जाती है
ऐसा माना जाता है कि इस रात गॉडेस लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) घर-घर आती हैं।
दिवाली पर मां लक्ष्मी के इन मंत्रों का जाप (Maa Laxmi Mantra) करें. मां लक्ष्मी के मुख्य मंत्र (Maa Laxmi Mantra) बोलते हुए इस प्रकार पूजन आरंभ करें, जैसे ‘ॐ ऐं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम: आवाह्यामि नम:।’
- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्री महालक्ष्म्यै नम:।
- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
- ॐ ऐं क्लीं महालक्ष्म्यै नम:।
- ॐ ऐं क्लीं सौ:।
- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सौं जगत्प्रसूत्यै नम:।
- ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं क्लीं लक्ष्मी ममगृहे धनं पूरय चिन्ताम् दूरय स्वाहा।
- ॐ ऐं श्रीं महालक्ष्म्यै कमल धारिण्यै गरूड़ वाहिन्यै श्रीं ऐं नम:।
- ॐ श्रीं च विद्महे अष्ट ह्रीं च धीमहि तन्नो लक्ष्मी-विष्णु प्रचोद्यात।
FAQ (Frequently Asked Questions – Lakshmi Puja)
1. लक्ष्मी पूजा कब की जाती है (When is Lakshmi Puja performed)?
सबसे अधिक दिवाली (Diwali Lakshmi Puja) के दिन।
2. अष्टलक्ष्मी क्या है (What is Ashta Lakshmi)?
माँ लक्ष्मी के 8 रूप (Eight Forms of Lakshmi) को अष्टलक्ष्मी कहा जाता है।
3. लक्ष्मी माता की प्रसिद्ध आरती कौन सी है (Famous Lakshmi Mata Aarti)?
सबसे प्रसिद्ध आरती ओम जय लक्ष्मी माता (Om Jai Lakshmi Mata) है।
4. वरलक्ष्मी पूजा क्या है (What is Varalakshmi Puja)?
यह दक्षिण भारत का एक प्रमुख व्रत और पूजा है।
5. लक्ष्मी नारायण कौन हैं (Who is Lakshmi Narayan)?
लक्ष्मी और विष्णु का संयुक्त रूप (Lakshmi Narayan Form)।
6. लक्ष्मी चालीसा कब पढ़नी चाहिए (When to Read Lakshmi Chalisa)?
शुक्रवार या दिवाली के दिन पढ़ना शुभ माना जाता है।
7. लक्ष्मी पूजा के क्या लाभ हैं (Benefits of Lakshmi Puja)?
धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
घर पर लक्ष्मी माता की आरती कैसे करें?
How to Perform Lakshmi Mata Aarti at Home
घर पर मां लक्ष्मी की आरती करने से धन, समृद्धि, सुख और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती, बस श्रद्धा और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण है।
लक्ष्मी माता की आरती सामग्री (Aarti Samagri)
कुमकुम (रोली), दीया (घी या तेल का), अगरबत्ती / धूप, फूल (कमल या गेंदा श्रेष्ठ माने जाते हैं), अक्षत, मिठाई, फल, घंटी
लक्ष्मी माता की सरल पूजा विधि (Simple Puja Vidhi)
- पूजा स्थान की सफाई करें
पूजा शुरू करने से पहले स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान को स्वच्छ रखें। - मां लक्ष्मी की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें
मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र को साफ चौकी पर रखें। पूजा करते समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा में हो। - दीया और अगरबत्ती प्रज्वलित करें
सबसे पहले दीया और अगरबत्ती जलाएं और मां लक्ष्मी का ध्यान करें। - कुमकुम और पुष्प अर्पित करें
मां लक्ष्मी को कुमकुम लगाएं और श्रद्धा भाव से फूल अर्पित करें। - लक्ष्मी माता की आरती करें
अब पूरे मन से लक्ष्मी माता की आरती गाएं या सुनें। मन में किसी भी प्रकार की नकारात्मक भावना न रखें। - घंटी बजाएं
आरती करते समय हल्के हाथ से घंटी बजाएं, इससे वातावरण शुद्ध होता है। - प्रार्थना करें
आरती के बाद आंखें बंद करके मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें। - प्रसाद वितरित करें
अंत में माता को भोग लगाएं और परिवार में प्रसाद बांटें।
लक्ष्मी माता की आरती करने का शुभ समय:
- सुबह सूर्योदय से पहले
- शाम सूर्यास्त के बाद
- शुक्रवार और दीपावली की रात (विशेष फलदायी)
निष्कर्ष (Conclusion – Lakshmi Puja Guide)
लक्ष्मी पूजा (Lakshmi Puja) हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण पूजा में से एक है। माँ लक्ष्मी देवी (Goddess Lakshmi Devi) को धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है।
अगर आप नियमित रूप से लक्ष्मी माता की आरती (Lakshmi Mata Aarti), लक्ष्मी चालीसा (Lakshmi Chalisa) और जय लक्ष्मी माता (Jai Lakshmi Mata) भजन का पाठ करते हैं तो आपके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
जय लक्ष्मी माता (Jai Lakshmi Mata)
Download(Lakshmi Mata Aarti in Hindi PDF): माता लक्ष्मी की आरती(Lakshmi ji ki aarti)
Read More:
- Lakshmi Puja Vidhi
- Diwali Puja Samagri List
- Lakshmi Mata Mantra
- Shukrawar Vrat Katha
- Lakshmi Mata Mantra for Financial Stability
- Friday Lakshmi Puja Vidhi at Home
- Diwali Lakshmi Puja Step by Step Guide
- Lakshmi Mata Bhajan Lyrics in Hindi
- Shukrawar Vrat Katha & Aarti
- जानिए छठ पूजा की महत्ता और छठ पूजा कैसे मनाते है | Chath Puja Significance and How to celebrate Chath Puja
- 11 Best Govardhan Puja Wishes | गोवर्धन पूजा की शुभकामनाये
- 21 सबसे बढ़िया दीवाली की शुभकामनाये(Diwali wishes)
