Bihar Legends List: 25 Famous Personalities Born in Bihar You Must Know: वर्तमान बिहार,आधुनिक बिहार राज्य के भौगोलिक क्षेत्र, में जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति बहुत हैं, जिन्होंने भारत के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य, कला और राजनीति में उत्तम योगदान दिए। आज बिहार की जो दुर्दशा है उसको देख कर देश के अन्य राज्यों के लोगों को बिहार के बारे में जानकारी ही नहीं है।
इस ब्लॉग के माध्यम से जानते हैं कि बिहार में कौन कौन से प्रसिद्ध व्यक्ति का जन्म हुआ है। यहाँ प्रमुख नाम दिए गए हैं:
प्राचीन और मध्यकालीन:
गौतम बुद्ध (563 ई.पू., वैशाली/बोधगया क्षेत्र),बौद्ध धर्म के संस्थापक। Bihar Legends

गौतम बुद्ध, जिन्हें सिद्धार्थ गौतम भी कहा जाता है, बौद्ध धर्म के संस्थापक और विश्व के महान आध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाते हैं। उनके जीवन और शिक्षाओं ने एशिया सहित पूरी दुनिया की आध्यात्मिक और दार्शनिक सोच को गहराई से प्रभावित किया।
परंपरागत मान्यता के अनुसार गौतम बुद्ध का जन्म लगभग 563 ईसा पूर्व में हुआ था। उनका जन्म स्थान आमतौर पर लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) माना जाता है, हालांकि कुछ प्राचीन संदर्भों में वैशाली क्षेत्र से भी जुड़ी कथाएँ मिलती हैं।
उनके पिता शुद्धोधन शाक्य गणराज्य के राजा थे और माता का नाम महामाया था। जन्म के समय उनका नाम सिद्धार्थ रखा गया था।
महावीर स्वामी (599 ई.पू., वैशाली) – जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर। Bihar Legends
महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर माने जाते हैं। उन्होंने अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम पर आधारित जीवन का मार्ग दिखाया और जैन धर्म को संगठित रूप प्रदान किया।
महावीर स्वामी का जन्म 599 ईसा पूर्व में वैशाली (वर्तमान बिहार) के कुंडलपुर में हुआ माना जाता है। उनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशला था। बचपन का नाम वर्धमान था, जो उनकी वीरता और साहस के कारण पड़ा।
चाणक्य (कौटिल्य) (375 ई.पू., पाटलिपुत्र) – अर्थशास्त्र के रचयिता, चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु। Bihar Legends
चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, प्राचीन भारत के महान शिक्षक, अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और राजनीतिक रणनीतिकार थे। वे मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु एवं मार्गदर्शक के रूप में प्रसिद्ध हैं।
चाणक्य का जन्म लगभग 375 ईसा पूर्व माना जाता है।कुछ ऐतिहासिक संदर्भ उन्हें पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) क्षेत्र से जोड़ते हैं, जबकि अन्य स्रोत तक्षशिला से भी संबंध बताते हैं।वे अत्यंत विद्वान ब्राह्मण थे और राजनीति, अर्थशास्त्र तथा कूटनीति के विशेषज्ञ माने जाते थे।
आर्यभट्ट (476 ई., पाटलिपुत्र) – गणितज्ञ, शून्य की अवधारणा। Bihar Legends
आर्यभट्ट प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे। उन्होंने गणित और खगोल विज्ञान में कई महत्वपूर्ण खोजें कीं और भारतीय वैज्ञानिक परंपरा को नई दिशा दी।
आर्यभट्ट का जन्म लगभग 476 ईस्वी में माना जाता है।
उनका संबंध पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) से बताया जाता है, जो उस समय शिक्षा और ज्ञान का प्रमुख केंद्र था।
वे नालंदा जैसे विद्या केंद्रों से भी जुड़े माने जाते हैं।
शेर शाह सूरी (1486, सासाराम) – ग्रैंड ट्रंक रोड बनवाया। Bihar Legends
शेर शाह सूरी मध्यकालीन भारत के महान शासक और प्रशासक थे। वे सूरी वंश के संस्थापक थे और अपने कुशल प्रशासन, सैन्य शक्ति तथा सड़क और राजस्व व्यवस्था में सुधारों के लिए प्रसिद्ध हैं।
शेर शाह सूरी का जन्म 1486 ईस्वी में बिहार के सासाराम में हुआ था। उनका वास्तविक नाम फरीद खान था। अपनी वीरता और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें “शेर खान” और बाद में “शेर शाह” की उपाधि मिली।
स्वतंत्रता संग्राम के नायक
कुंवर सिंह, जगदीशपुर (आरा), 1857 विद्रोह के वीर। Bihar Legends
वीर कुंवर सिंह 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी नेताओं में से एक थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ साहस, रणनीति और अद्भुत नेतृत्व का परिचय दिया, जिससे वे भारतीय इतिहास में वीरता के प्रतीक बन गए।
कुंवर सिंह का जन्म 1777 ईस्वी में बिहार के जगदीशपुर (जिला भोजपुर, आरा) में हुआ था। वे उज्जैनिया राजपूत वंश से थे और जगदीशपुर के जमींदार परिवार से संबंधित थे।
जयप्रकाश नारायण, सिताबदियारा (सारण), संपूर्ण क्रांति आंदोलन। Bihar Legends
जयप्रकाश नारायण, जिन्हें “लोकनायक” के नाम से भी जाना जाता है, भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी विचारक और जननेता थे। उन्होंने भारतीय राजनीति में नैतिकता, लोकतंत्र और जनआंदोलन की नई दिशा दी।
जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सारण जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ था।
वे बचपन से ही स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के विचारों से प्रभावित थे। उच्च शिक्षा के लिए वे अमेरिका गए, जहां उन्होंने समाजवाद और लोकतांत्रिक विचारधारा का अध्ययन किया।
राजेंद्र प्रसाद, जीरादेई (सीवान), भारत के प्रथम राष्ट्रपति। Bihar Legends
डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम के महान नेताओं में से एक थे। वे अपनी सादगी, विद्वता और राष्ट्रसेवा के लिए प्रसिद्ध थे तथा भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 को बिहार के सीवान जिले के जीरादेई गांव में हुआ था।बचपन से ही वे अत्यंत मेधावी छात्र थे और शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।उन्होंने कानून की पढ़ाई की और सफल वकील बने।
रामविलास शर्मा (1905, दरभंगा) – साहित्यकार, हिंदी साहित्य के आलोचक। Bihar Legends
रामविलास शर्मा हिंदी साहित्य के महान आलोचक, चिंतक और विद्वान थे। उन्होंने हिंदी साहित्य में आलोचना की नई दृष्टि विकसित की और भाषा, साहित्य, इतिहास तथा संस्कृति पर गहन अध्ययन प्रस्तुत किया।
रामविलास शर्मा का जन्म 10 अक्टूबर 1905 को दरभंगा (बिहार) में हुआ था।
वे बचपन से ही साहित्य और अध्ययन में रुचि रखते थे।
उच्च शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने हिंदी साहित्य और भाषा विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
नागार्जुन (1911, तारापुर, सासाराम) – जनकवि। Bihar Legends
नागार्जुन हिंदी और मैथिली साहित्य के प्रसिद्ध कवि, लेखक और जनवादी विचारक थे। उन्हें “जनकवि” कहा जाता है क्योंकि उनकी रचनाओं में आम जनता की समस्याएं, सामाजिक संघर्ष और जनजीवन की सच्चाई स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
नागार्जुन का जन्म 30 जून 1911 को बिहार में हुआ था (कुछ स्रोतों में मधुबनी क्षेत्र का उल्लेख मिलता है)।
उनका वास्तविक नाम वैद्यनाथ मिश्र था। उन्होंने संस्कृत, पाली और बौद्ध दर्शन का अध्ययन किया और बाद में साहित्य की ओर आकर्षित हुए।
मधुबनी कला के कलाकार:
जगदंबा देवी (1926, भोजपुर, मधुबनी) – पद्मश्री। Bihar Legends
जगदंबा देवी भारत की प्रसिद्ध मधुबनी (मिथिला) चित्रकला कलाकार थीं, जिन्होंने पारंपरिक लोक कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें भारतीय लोक कला को संरक्षित और लोकप्रिय बनाने के लिए जाना जाता है।
उनका जन्म 1926 में बिहार के मिथिला क्षेत्र में हुआ था।
बचपन से ही वे पारंपरिक मिथिला पेंटिंग से जुड़ी रहीं, जो घरों की दीवारों और धार्मिक अवसरों पर बनाई जाती थी।
गंगा देवी (रसिदपुर, मधुबनी) – पद्मश्री। Bihar Legends
गंगा देवी भारत की प्रसिद्ध मधुबनी (मिथिला) चित्रकला की महान कलाकार थीं। उन्होंने पारंपरिक मिथिला कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और अपनी विशिष्ट शैली तथा विषयों के कारण कला जगत में विशेष स्थान बनाया।
गंगा देवी का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के रसिदपुर गांव में हुआ था। वे मिथिला क्षेत्र की पारंपरिक लोक कला से बचपन से जुड़ी हुई थीं।
सीता देवी (1914, सहरसा के पास) – पद्मश्री।
सीता देवी भारत की प्रसिद्ध मधुबनी (मिथिला) चित्रकला की अग्रणी कलाकारों में से एक थीं। उन्होंने पारंपरिक मिथिला पेंटिंग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीता देवी का जन्म 1914 में बिहार के मिथिला क्षेत्र (सहरसा के आसपास) में हुआ माना जाता है। बचपन से ही वे पारंपरिक लोक चित्रकला से जुड़ी थीं, जो मुख्य रूप से धार्मिक और सामाजिक अवसरों पर बनाई जाती थी।
महासुंदरी देवी (मधुबनी) – पद्मश्री। Bihar Legends
महासुंदरी देवी भारत की प्रसिद्ध मधुबनी (मिथिला) चित्रकला की महान कलाकारों में से एक थीं। उन्होंने पारंपरिक लोक कला को नई पहचान दिलाने और इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महासुंदरी देवी का जन्म बिहार के मिथिला क्षेत्र (मधुबनी) में हुआ था। वे पारंपरिक मिथिला पेंटिंग से बचपन से ही जुड़ी रहीं, जो विवाह और धार्मिक अवसरों पर बनाई जाती थी।
गीता गीता (मधुबनी) – समकालीन मधुबनी कलाकार।
गीता गीता समकालीन मधुबनी (मिथिला) चित्रकला की उभरती हुई कलाकारों में शामिल हैं। उन्होंने पारंपरिक मिथिला कला को आधुनिक शैली और नए विषयों के साथ प्रस्तुत करके इस लोक कला को नई पहचान देने का प्रयास किया है।
पारंपरिक मधुबनी शैली में आधुनिक प्रयोग और नई रंग योजना।
धार्मिक विषयों के साथ-साथ सामाजिक और समकालीन मुद्दों को भी चित्रों में शामिल करना।
सूक्ष्म रेखांकन और पारंपरिक प्रतीकों का प्रयोग उनकी कला की पहचान है।
खेल और मनोरंजन
महेन्द्र सिंह धोनी (1981, रांची – पहले बिहार का हिस्सा) – क्रिकेट कप्तान। Bihar Legends
महेंद्र सिंह धोनी भारत के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों में से एक हैं। अपनी शांत नेतृत्व शैली, तेज़ निर्णय क्षमता और बेहतरीन फिनिशिंग के लिए वे “कैप्टन कूल” के नाम से प्रसिद्ध हैं।
धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को रांची में हुआ था (उस समय रांची बिहार राज्य का हिस्सा था, जो बाद में झारखंड बना)। बचपन से ही खेलों में रुचि थी और उन्होंने शुरुआत में फुटबॉल खेला, बाद में क्रिकेट को अपनाया।
बासु चटर्जी (1930, पटना) – फिल्म निर्देशक (सच्चा झूठा, चितचोर)। Bihar Legends
बासु चटर्जी हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक थे। वे मध्यमवर्गीय जीवन, सरल प्रेम कहानियों और यथार्थवादी सिनेमा के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्मों में सादगी, संवेदनशीलता और रोज़मर्रा की जिंदगी की झलक मिलती है।
बासु चटर्जी का जन्म 10 जनवरी 1930 को पटना (बिहार) में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कार्टूनिस्ट और चित्रकार के रूप में की, बाद में फिल्मों की ओर रुख किया।
बिहार मिथिला कला, बौद्ध-जैन धरोहर और स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रसिद्ध है। मधुबनी पेंटिंग चर्चा के संदर्भ में जगदंबा देवी, गंगा देवी जैसी महिलाएं विशेष हैं।
