Narendra Modi Deewali | प्रत्येक वर्ष की तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर इस साल दिवाली का त्यौहार भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों के साथ मनाकर वर्ष २०१४ से अपनी परंपरा को जारी रखा है। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली त्योहार गोवा और कर्नाटक के तटों के पास, भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर भारतीय नौसेना के जवानों के बीच मनाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के सबसे दुर्गम इलाकों(सियाचिन की बर्फीली ऊंचाइयों से लेकर जैसलमेर के रेगिस्तान तक) में तैनात सैनिकों से मिलना और उनके बीच दीपावली त्यौहार मनाना एकता और सामर्थ्य का प्रतीक बन गया है। आइए एक नजर डालते हैं पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गयी इस विशेष परंपरा पर:
वर्ष दर वर्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैन्य दिवाली | Narendra Modi Deewali With Army
2023 (हिमाचल प्रदेश):
हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में सेना के जवानों के साथ दीपावली का त्यौहार(Narendra Modi Deepawali) मनाया साथ ही उन सैनिकों को संबोधित किया। सूडान से भारतीय नागरिकों की सफल निकासी और तुर्की में भारतीय सैनिकों द्वारा भूकंप राहत जैसे मानवीय अभियानों में सेना की भूमिका को सराहा।
2022 (कारगिल, लद्दाख):
कश्मीर के दुर्गम इलाकों में से एक कारगिल की वीर भूमि पर सैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी । दुश्मन देश पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना का युद्ध में कारगिल की विजय गाथा को याद किया और इस क्षेत्र ने उन पर छोड़े गए गहरे प्रभाव की बात कही।
2021 (नौशेरा, जम्मू-कश्मीर):
भारतीय सेना का नौशेरा की वीरता को भारतीय साहस का प्रतीक बताया। ब्रिगेडियर उस्मान और नायक जदुनाथ सिंह जैसे वीरों को श्रद्धांजलि दी और सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल ब्रिगेड की सराहना की।
2020 (लोंगेवाला, राजस्थान):
राजस्थान के जैसलमेर स्थित लोंगेवाला पोस्ट पर सैनिकों के साथ त्योहार मनाया। 1971 के पाकिस्तान युद्ध में यहां हुई ऐतिहासिक लड़ाई को भारतीय सेना की रणनीति और बहादुरी की मिसाल बताया।
2019 (राजौरी, जम्मू-कश्मीर):
कश्मीर में एलओसी पर तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाई। कश्मीर के राजौरी के ‘हॉल ऑफ फेम’ को भारतीय सेना का ‘पराक्रम भूमि’ बताया और बाद में पठानकोट एयरबेस पर वायु सैनिकों से मिले।
2018 (उत्तरकाशी, उत्तराखंड):
चीन सीमा पर तैनात सेना और इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों के बीच त्योहार मनाया और उनका हौसला बढ़ाया।
2017 (बांदीपोरा, जम्मू-कश्मीर):
बीएसएफ और सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस दौरान पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन बंद करने के लिए एक स्पष्ट चेतावनी दी।
2016 (हिमाचल प्रदेश):
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर्मी और डोगरा स्काउट्स के जवानों से मिले। इस मुलाकात ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एक सैनिक के बीच दोस्ताना रिश्ते की एक झलक दिखाई।
2015 (पंजाब):
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में सैनिकों के बीच दिवाली मनाई और 1965 के युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
2014 (सियाचिन ग्लेशियर):
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनने के बाद अपनी पहली दिवाली दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र, सियाचिन में बिताई, जहाँ तापमान -40° डिग्री तक पहुँच जाता है। इससे उनकी इस विशेष परंपरा की शुरुआत हुई।
इस वर्ष, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के खिलाफ मौजूदा खतरों के मद्देनजर नौसेना की सतर्कता और रणनीतिक कच्छ तटीय रेखा की सुरक्षा में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने सर क्रीक को भारत की एकता का प्रतीक बताया और 1971 के युद्ध में दुश्मन को मिले करारे जवाब को याद किया।
