India Landlock State: भारत विविधताओं का देश है:हिमालय की बर्फीली चोटियाँ, सुनहरे समुद्र तट, व्यस्त बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ। लेकिन देश के बीचों-बीच 5 ऐसे अनोखे राज्य हैं जो इस सामान्य कहानी से अलग हैं।
ये राज्य न तो किसी समुद्र से जुड़े हैं और न ही किसी विदेशी देश से उनकी स्थलीय सीमा लगती है। ये पूरी तरह से दूसरे भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से घिरे हुए हैं।
28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों वाले भारत में जहाँ 9 राज्यों की समुद्री तट रेखा है और 16 राज्यों की विदेशी सीमाएँ हैं, ये 5 राज्य “पूरी तरह आंतरिक” हैं।
जानना चाहते हैं कौन-कौन से हैं ये राज्य? आगे पढ़िए पूरी लिस्ट, विस्तृत जानकारी, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और 2026 में इनकी खासियत।
“कोई तट रेखा नहीं और कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं” का मतलब क्या है?
कोई तट रेखा नहीं: ये राज्य अरब सागर, बंगाल की खाड़ी या हिंद महासागर से नहीं जुड़े। पूरी तरह भूमिबद्ध (landlocked)।
कोई अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमा नहीं: सिर्फ दूसरे भारतीय राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों से सीमा साझा करते हैं—न पाकिस्तान, न चीन, न नेपाल, न भूटान, न म्यांमार, न बांग्लादेश।
इन्हें भारत में “डबली लैंडलॉक्ड” या “पूरी तरह आंतरिक राज्य” कहा जाता है। ये बंदरगाहों तक पहुँचने के लिए पड़ोसी तटीय राज्यों पर निर्भर रहते हैं।
विश्वसनीय स्रोतों (जैसे Maps of India और सरकारी भूगोल डेटा) के अनुसार, भारत में कुल 20 भूमिबद्ध राज्य हैं, जिनमें से केवल 5 की कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है।
भारत के राज्यों की तुलना (2026)
| श्रेणी | राज्यों की संख्या | उदाहरण |
|---|---|---|
| तटीय राज्य | 9 | गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु |
| भूमिबद्ध + अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले | 14 | राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश |
| पूरी तरह आंतरिक (न तट, न अंतरराष्ट्रीय सीमा) | 5 | छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना |
यह अनोखी स्थिति इन राज्यों की पहचान, अर्थव्यवस्था और पर्यटन को प्रभावित करती है।
भारत के 5 ऐसे राज्य जिनकी न तट रेखा है और न अंतरराष्ट्रीय सीमा
यहाँ पूरी लिस्ट है:
- छत्तीसगढ़
- हरियाणा
- झारखंड
- मध्य प्रदेश
- तेलंगाना
आइए हर राज्य को विस्तार से जानें-भूगोल, इतिहास, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और घूमने की जगहें।
1. छत्तीसगढ़: मध्य भारत का चावल का कटोरा

2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बना। राज्य को “भारत का चावल का कटोरा” कहा जाता है, क्योंकि यहाँ की उपजाऊ जमीन और नदियाँ कृषि के लिए आदर्श हैं। 41% से ज्यादा वन क्षेत्र वाला राज्य, जहां घने जंगल और जैवविविधता पाई जाती है।
| राजधानी: | रायपुर |
| क्षेत्रफल: | ~1,35,194 वर्ग किमी (9वाँ सबसे बड़ा) |
| जनसंख्या: | ~3 करोड़ (2026 अनुमान) |
| मुख्य सीमाएँ: | मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश |
| नदियाँ और जल स्रोत | महानदी और इंद्रावती, चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात |
| अर्थव्यवस्था |
नदियाँ और जल स्रोत:
महानदी और इंद्रावती जैसी नदियाँ राज्य को सिंचित करती हैं।
चित्रकोट जलप्रपात: “भारत का नियाग्रा” – प्रमुख पर्यटन स्थल।
तीरथगढ़ जलप्रपात – बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक।
2000 में मध्य प्रदेश से अलग हुआ छत्तीसगढ़ 41% से ज्यादा वन क्षेत्र वाला राज्य है। कोयला, लौह अयस्क से भरपूर और महानदी-इंद्रावती नदियों से सिंचित।
अर्थव्यवस्था: स्टील, बिजली और कृषि से तेज विकास। GSDP ~₹5 लाख करोड़+।
संस्कृति: आदिवासी बहुल (गोंड, हल्बा) – नृत्य और हस्तशिल्प प्रसिद्ध।
टॉप जगहें:
- चित्रकोट जलप्रपात (“भारत का नियाग्रा”)
- कांगेर वैली नेशनल पार्क (UNESCO बायोस्फियर)
- तीरथगढ़ जलप्रपात
- बस्तर के आदिवासी बाजार और भोरमदेव मंदिर
खासियत: बिना समुद्र या विदेशी सीमा के भी बिजली और स्टील से देश को रोशन करता है।
2. हरियाणा: राजधानी का समृद्ध पड़ोसी
राजधानी: चंडीगढ़ (पंजाब के साथ साझा)
क्षेत्रफल: ~44,212 वर्ग किमी
जनसंख्या: ~3 करोड़
मुख्य सीमाएँ: पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली
1966 में बना हरियाणा प्रति व्यक्ति सबसे अमीर राज्यों में से एक। दिल्ली-NCR के कारण ऑटोमोबाइल, IT (गुड़गांव) और खेल में अग्रणी।
अर्थव्यवस्था: कृषि (गेहूं-चावल), डेयरी और कुश्ती।
संस्कृति: महाभारत से जुड़ा कुरुक्षेत्र।
टॉप जगहें:
- कुरुक्षेत्र (भगवद गीता स्थल)
- सूरजकुंड मेला
- सुल्तानपुर नेशनल पार्क
- गुड़गांव का DLF साइबर हब
खासियत: दिल्ली के नजदीक होने से आर्थिक सफलता, फिर भी पूरी तरह आंतरिक।
3. झारखंड: खनिजों का खजाना
राजधानी: रांची
क्षेत्रफल: ~79,716 वर्ग किमी
जनसंख्या: ~4 करोड़
मुख्य सीमाएँ: बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश
2000 में बिहार से अलग। भारत के ~40% खनिज संसाधन (कोयला, लोहा) यहीं।
अर्थव्यवस्था: खनन, स्टील (जमशेदपुर – टाटा स्टील), IT उभरता।
संस्कृति: 32 आदिवासी समुदाय, सरहुल त्योहार।
टॉप जगहें:
- हुंडरू और दशम फॉल्स
- बेतला नेशनल पार्क (टाइगर)
- बैद्यनाथ धाम (12 ज्योतिर्लिंग)
- जमशेदपुर का जुबली पार्क
खासियत: “वन भूमि” में एडवेंचर पर्यटन – सफारी और ट्रेकिंग।
4. मध्य प्रदेश: भारत का दिल
राजधानी: भोपाल
क्षेत्रफल: ~3,08,252 वर्ग किमी (दूसरा सबसे बड़ा)
जनसंख्या: ~8.5 करोड़
मुख्य सीमाएँ: राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश
“मध्य प्रदेश” यानी केंद्र में। भारत में सबसे ज्यादा टाइगर (“टाइगर स्टेट”)।
अर्थव्यवस्था: कृषि, खनिज, पर्यटन।
संस्कृति: हिंदू, जैन, बौद्ध स्थल।
टॉप जगहें (3 यूनेस्को साइट्स):
- खजुराहो मंदिर
- सांची स्तूप
- भीमबेटका रॉक शेल्टर
- कान्हा-बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व
- ओंकारेश्वर-महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
खासियत: भौगोलिक केंद्र होने से सबको जोड़ता है – संस्कृति और वन्यजीव का हब।
5. तेलंगाना: सबसे नया और सबसे डायनामिक
राजधानी: हैदराबाद
क्षेत्रफल: ~1,12,077 वर्ग किमी
जनसंख्या: ~3.8 करोड़
मुख्य सीमाएँ: महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
2014 में आंध्र से अलग। हैदराबाद (“साइबराबाद”) टेक हब।
अर्थव्यवस्था: IT, फार्मा, फिल्म। प्रति व्यक्ति GSDP सबसे ऊपर।
संस्कृति: कुतुब शाही-काकतीय इतिहास, हैदराबादी बिरयानी।
टॉप जगहें:
- चारमीनार और गोलकुंडा किला
- रामोजी फिल्म सिटी
- रामप्पा मंदिर (UNESCO)
- अनंतगिरि हिल्स
खासियत: प्राचीन किले और आधुनिक गगनचुंबी इमारतें – नवाचार में आगे।
ये राज्य क्यों बने: भारत का भूगोल और इतिहास
भारत का नक्शा ब्रिटिश प्रांतों, भाषाई पुनर्गठन (1956) और बाद के विभाजनों (2000, 2014) से बना। ये 5 राज्य आंतरिक इसलिए हैं क्योंकि:
- दक्कन पठार और उत्तरी मैदान के केंद्र में।
- राज्य निर्माण भाषा/संस्कृति पर आधारित, समुद्र तक पहुँच पर नहीं।
- ऐतिहासिक राज्य (जैसे गोंडवाना) भूमि-आधारित थे।
आर्थिक प्रभाव:
- फायदा: मजबूत आंतरिक व्यापार, समुद्री विवादों से दूर।
- नुकसान: बंदरगाह तक परिवहन महंगा (मुंबई/चेन्नई रोड-रेल)।
- 2026 में: भरतमाला हाईवे, फ्रेट कॉरिडोर और एयर कनेक्टिविटी से सुधार।
यात्रा गाइड: 2026 में इन “छिपे” राज्यों की सैर क्यों करें
ये राज्य असली भारत दिखाते हैं—कम भीड़, प्राकृतिक सुंदरता, गहरी संस्कृति।
सबसे अच्छा समय: अक्टूबर-मार्च।
यात्रा आइडिया: मध्य प्रदेश से वन्यजीव, छत्तीसगढ़ से झरने, झारखंड से आदिवासी, हरियाणा से इतिहास, तेलंगाना से आधुनिक मिश्रण।
प्रो टिप: IRCTC ट्रेन या इंडिगो फ्लाइट—आंतरिक कनेक्टिविटी शानदार।
FAQs: भारत में ऐसे राज्य जिनकी कोई तट रेखा नहीं और कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं
प्रश्न 1: ऐसे कितने राज्य हैं?
उत्तर: ठीक 5।
प्रश्न 2: क्या कोई केंद्र शासित प्रदेश भी?
उत्तर: नहीं (प्रश्न राज्यों का है; दिल्ली और चंडीगढ़ UT हैं जो योग्य हैं)।
प्रश्न 3: सबसे बड़ा कौन?
उत्तर: मध्य प्रदेश।
प्रश्न 4: क्या इनमें एयरपोर्ट हैं?
उत्तर: हाँ—रायपुर, चंडीगढ़, रांची, भोपाल, हैदराबाद।
प्रश्न 5: क्या समुद्र तक पहुँच संभव है?
उत्तर: हाँ, पड़ोसी तटीय राज्यों के जरिए।
निष्कर्ष: “आंतरिक” होने की ताकत
2026 में ये 5 राज्य साबित करते हैं कि भूगोल नियति नहीं। छत्तीसगढ़ के जंगलों से तेलंगाना के टेक बूम तक—ये भारत की रीढ़ हैं—स्वावलंबी, संस्कृति से भरपूर और आश्चर्यजनक।
अगली बार कोई कहे “भूमिबद्ध = कमजोर”, तो इन रत्नों की ओर इशारा करिए। भारत का सच्चा दिल इन आंतरिक राज्यों में धड़कता है।
5 राज्यों का मैप:
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