Bharat Ratna Kya Hai: भारत में कई प्रतिष्ठित सम्मान दिए जाते हैं, लेकिन भारत रत्न वह सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो देश के लिए असाधारण योगदान देने वाली महान हस्तियों को प्रदान किया जाता है। 1954 में शुरू हुआ यह पुरस्कार सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि भारत की उत्कृष्टता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। क्या आप जानते हैं कि भारत रत्न हर साल नहीं दिया जाता और इसे विदेशी नागरिकों को भी दिया जा सकता है? इस लेख में हम भारत रत्न का पूरा इतिहास, नियम, विजेता सूची और रोचक तथ्य जानेंगे।
भारत रत्न क्या है? (What is Bharat Ratna)
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसे “exceptional service” या “highest order performance” के लिए दिया जाता है। इसे 1954 में भारत सरकार ने स्थापित किया था। यह किसी भी क्षेत्र, कला, विज्ञान, साहित्य, सार्वजनिक सेवा, खेल आदि में दिया जा सकता है।
भारत रत्न का इतिहास
स्थापना वर्ष: 1954
पहली बार पुरस्कार: 1954 (C. Rajagopalachari, Sarvepalli Radhakrishnan, C.V. Raman) , कुछ वर्षों में पुरस्कार नहीं दिया गया, 1977-1980 तक अस्थायी रूप से बंद रहा
भारत रत्न की डिजाइन और प्रतीक
भारत रत्न पदक पीपल के पत्ते के आकार में बनाया गया है। इसके सामने की ओर सूर्य की आकृति अंकित होती है और उसके नीचे देवनागरी लिपि में “भारत रत्न” लिखा होता है। पदक के पीछे की ओर भारत का राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ) और उसके नीचे राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “सत्यमेव जयते” अंकित रहता है। यह डिजाइन भारत रत्न को एक विशिष्ट और सम्मानजनक पहचान प्रदान करती है।
भारत रत्न किसे दिया जाता है?
किसी भी क्षेत्र में असाधारण योगदान
भारतीय या विदेशी नागरिक दोनों पात्र
प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा प्रदान
हर वर्ष अधिकतम 3 पुरस्कार की परंपरा (कुछ अपवाद रहे हैं)
भारत रत्न देने की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री नाम सुझाते हैं: राष्ट्रपति अनुमोदन करते हैं, आधिकारिक घोषणा, पदक और सम्मान पत्र प्रदान
भारत रत्न विजेताओं की प्रमुख सूची
1954 में भारत रत्न के पहले प्राप्तकर्ता सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी. वी. रमन थे।
सी. राजगोपालाचारी:
भारत के अंतिम गवर्नर-जनरल रहे सी. राजगोपालाचारी स्वतंत्रता सेनानी और प्रमुख राजनेता थे। उन्होंने स्वराज पार्टी की स्थापना में योगदान दिया और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री भी बने।
सर्वपल्ली राधाकृष्णन
दर्शनशास्त्री सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे। उनका जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
सी. वी. रमन
भौतिकशास्त्री सी. वी. रमन ने रमन प्रभाव की खोज की, जिसके लिए 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार मिला। वे पहला भारतीय नोबेल विजेता थे।
1960s
1960 के दशक में भारत रत्न के प्रमुख विजेता लाल बहादुर शास्त्री (1966) और राजेंद्र प्रसाद (1962) थे।
लाल बहादुर शास्त्री
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में नेतृत्व किया। उनका “जय जवान जय किसान” नारा प्रसिद्ध है। वे मरणोपरांत सम्मानित हुए।
राजेंद्र प्रसाद
भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे। उन्होंने संविधान सभा की अध्यक्षता भी की। 1962 में उन्हें यह सम्मान मिला.
1990s
1990 के दशक में भारत रत्न के प्रमुख विजेता डॉ. बी.आर. अंबेडकर (1990), नेल्सन मंडेला (1990) और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (1997) थे।
बी.आर. अंबेडकर
भारतीय संविधान के प्रमुख रचयिता डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। वे स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री भी रहे।
नेल्सन मंडेला
दक्षिण अफ्रीका के प्रथम निर्वाचित राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने रंगभेद के खिलाफ वैश्विक आंदोलन चलाया। भारत ने उन्हें उनके मानवाधिकार कार्य के लिए सम्मानित किया।
ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
“मिसाइल मैन” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति बने। उन्होंने अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
2000s
2000 के दशक में लता मंगेशकर (2001) और भीमसेन जोशी (2008) को भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
लता मंगेशकर
“नाइटिंगेल ऑफ इंडिया” लता मंगेशकर ने 36 भाषाओं में 30,000 से अधिक गीत गाए। उन्हें संगीत के क्षेत्र में अपार योगदान के लिए 2001 में यह सम्मान मिला।
भीमसेन जोशी
हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के दिग्गज भीमसेन जोशी किराना घराने के प्रमुख गायक थे। उन्होंने संगीत को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2008 में उन्हें भारत रत्न प्रदान किया गया।
2014
2014 में सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वे क्रिकेट के क्षेत्र में इस पुरस्कार पाने वाले पहले खिलाड़ी बने।
सचिन तेंदुलकर
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 24 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में 200 टेस्ट और 463 वनडे मैच खेले। उन्होंने 34,357 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए, जिसमें 100 शतक शामिल हैं। 4 फरवरी 2014 को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
2024
2024 में भारत रत्न के पांच विजेता कर्पूरी ठाकुर, लाल कृष्ण आडवाणी, पी.वी. नरसिम्हा राव, चरण सिंह और एम.एस. स्वामीनाथन थे।
कर्पूरी ठाकुर
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू किया। उन्हें सामाजिक न्याय के योगदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया।
लाल कृष्ण आडवाणी
बीजेपी के वरिष्ठ नेता एल.के. आडवाणी ने राम जन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया। वे उपप्रधानमंत्री भी रहे।
पी.वी. नरसिम्हा राव
पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने 1991 के आर्थिक उदारीकरण की नींव रखी। उन्हें मरणोपरांत यह सम्मान मिला।
चरण सिंह
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे। उन्होंने भूमि सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मरणोपरांत सम्मानित।
एम.एस. स्वामीनाथन
हरित क्रांति के जनक एम.एस. स्वामीनाथन ने भारत को खाद्यान्न आत्मनिर्भर बनाया। उन्हें कृषि विज्ञान के योगदान के लिए मरणोपरांत पुरस्कार मिला।
भारत रत्न से जुड़े रोचक तथ्य:
भारत रत्न पुरस्कार हर साल नहीं दिया जाता, बल्कि यह राष्ट्रपति द्वारा असाधारण सेवा के लिए चयनित वर्षों में प्रदान किया जाता है। इस सम्मान को विदेशी नागरिकों को भी दिया गया है, जैसे नेल्सन मंडेला (1990)। साथ ही, प्राप्तकर्ता के नाम के आगे “भारत रत्न” शब्द लिखना आधिकारिक टाइटल नहीं माना जाता।
भारत रत्न का महत्व
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो राष्ट्रीय योगदान की सर्वोच्च मान्यता प्रदान करता है।
राष्ट्रीय योगदान की सर्वोच्च मान्यता
यह पुरस्कार विज्ञान, कला, साहित्य, राजनीति और खेल जैसे क्षेत्रों में असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है। यह राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को सम्मानित करता है।
सामाजिक प्रेरणा
भारत रत्न प्राप्तकर्ता समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं, जैसे लता मंगेशकर ने संगीत के माध्यम से करोड़ों को जोड़ा। युवा पीढ़ी इनके जीवन से मूल्य सीखती है।
भारतीय विरासत का सम्मान
यह पुरस्कार स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक उपलब्धियों तक भारतीय विरासत का सम्मान करता है। कर्पूरी ठाकुर जैसे नेता सामाजिक न्याय की विरासत को जीवंत रखते हैं।
भारत रत्न से जुड़े विवाद
भारत रत्न पुरस्कार से जुड़े विवाद अक्सर राजनीतिक चयन, देरी से सम्मान और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की अनदेखी को लेकर उभरते रहे हैं।
राजनीतिक चयन विवाद
2024 में पीवी नरसिम्हा राव, चरण सिंह, कर्पूरी ठाकुर जैसे नामों का चयन लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश के रूप में देखा गया। आलोचक इसे सत्ता पक्ष की रणनीति मानते हैं। नेहरू और इंदिरा गांधी के स्वयं-सम्मान पर भी सवाल उठे।
देरी से सम्मान
बीआर अंबेडकर को 1990 में मरणोपरांत मिला, जबकि दशकों की मांग थी। नरसिम्हा राव को 30 वर्ष बाद सम्मानित किया गया, जिसे कांग्रेस शासन में उपेक्षा बताया गया।
ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की अनदेखी पर चर्चा
वीर सावरकर को भारत रत्न न मिलने पर लगातार विवाद है। नीतीश कुमार जैसी मांगें भी राजनीतिक बहस पैदा करती हैं। कई योग्य व्यक्तियों की अनदेखी पर असंतोष रहता है।
FAQs (Featured Snippet Target):
भारत रत्न किसे दिया जाता है?
भारत रत्न असाधारण सेवा वाले व्यक्तियों को दिया जाता है।
भारत रत्न कब शुरू हुआ?
यह 1954 में शुरू हुआ। पहला पुरस्कार 1954 में सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी.वी. रमन को मिला।
भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
1954 में भारत रत्न के पहले प्राप्तकर्ता सी. राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी. वी. रमन थे।
क्या विदेशी नागरिक भारत रत्न पा सकते हैं?
हाँ, विदेशी नागरिक भी पा सकते हैं, जैसे नेल्सन मंडेला (1990)।
