Site icon Gopalbad

बिहार की नई सरकार की नई टीम 2025 | Bihar Cabinet 2025

Bihar Cabinet 2025: जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इस ऐतिहासिक कार्यकाल की शुरुआत एक 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल के गठन के साथ हुई है, जिसमें सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा जैसे दिग्गज नेताओं के साथ-साथ कुछ ऐसे चेहरे भी शामिल हैं, जिनके मंत्री बनने ने सभी को चौंका दिया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके दो उपमुख्यमंत्रियों के अलावा, इस मंत्रिमंडल में 8 कैबिनेट मंत्री और 20 राज्यमंत्री शामिल हैं। यहाँ हम मंत्रिमंडल के उन 12 चेहरों पर विस्तृत नज़र डाल रहे हैं, जिनकी नियुक्ति ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है।

नीतीश कैबिनेट 2025 के प्रमुख चेहरे | Bihar Cabinet 2025

1. रामकृपाल यादव (बीजेपी)

2. संजय सिंह ‘टाइगर’ (बीजेपी)

3. अरुण शंकर प्रसाद (बीजेपी)

4. सुरेन्द्र मेहता (बीजेपी)

5. नारायण प्रसाद (बीजेपी)

6. रमा निषाद (बीजेपी)

7. लखेन्‍द्र कुमार रोशन (बीजेपी)

8. श्रेयसी सिंह (बीजेपी)

9. दीपक प्रकाश (राष्ट्रीय लोक मोर्चा)

10. संजय कुमार (लोक जनशक्ति पार्टी – रामविलास)

11. प्रमोद कुमार (जनता दल-यूनाइटेड)

12. संजय कुमार सिंह (लोक जनशक्ति पार्टी – रामविलास)

13. लेशी सिंह

लेशी सिंह सीमांचल इलाक़े के पूर्णिया ज़िले की धमदाहा सीट से साल 2000 के बाद से लगातार चुनाव जीत रही हैं.

लेशी सिंह बिहार की पूर्ववर्ती सरकार में मार्च 2024 तक खाद्य मंत्री भी रही हैं.

1974 में पैदा हुई लेशी सिंह ने बारहवीं तक की पढ़ाई की है.

उनके पति बूटान सिंह पूर्णिया में राजनीति से जुड़े थे और साल 2000 में अदालत परिसर में उनकी हत्या कर दी गई थी.

बूटान सिंह पूर्णिया में समता पार्टी के जिलाध्यक्ष थे. आगे चलकर समता पार्टी ही 2003 में जनता दल यूनाइटेड बनी.

लेशी सिंह अपने पति की हत्या से पहले ही राजनीति में क़दम रख चुकी थीं लेकिन साल 2000 में उन्होंने धमदाहा सीट से उम्मीदवारी के साथ चुनावी राजनीति में क़दम रखा. इसके बाद से उन्होंने कोई चुनाव नहीं हारा है. लेशी सिंह बिहार के महिला आयोग की अध्यक्ष भी रही हैं.

वर्तमान सरकार में मंत्रीपद की शपथ लेने से पहले भी वो पिछली बिहार सरकार में खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री रह चुकी हैं.

राजनीतिक कामयाबी के साथ-साथ लेशी सिंह विवादों से भी जुड़ी रही हैं. साल 2021 में लेशी सिंह को पत्रकार पिंटू राय उर्फ़ विश्वजीत सिंह की हत्या के मामले में अभियुक्त बनाया गया था. पिंटू राय स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय थे. लेशी सिंह ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था.

पिंटू राय की हत्या के मामले में पुलिस किसी को गिरफ़्तार नहीं कर सकी थी.

साल 2022 में जेडीयू की ही विधायक बीमा भारती ने लेशी सिंह पर अपराधों में लिप्त होने के आरोप लगाए थे. लेशी सिंह ने इन्हें राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया था.

14. मोहम्मद ज़मा ख़ान

नीतीश कुमार की पूर्ववर्ती सरकार में एकमात्र मुसलमान मंत्री रहे मोहम्मद ज़मान ख़ान को इस बार भी मंत्री बनाया गया है.

नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर कैमूर ज़िले की चैनपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले मोहम्मद ज़मान ख़ान लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं.

साल 2020 में मोहम्मद ज़मा ख़ान ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. हालांकि बाद में वो नीतीश कुमार की जेडीयू में शामिल हो गए थे और सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बने.

बीजेपी और जदयू के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए को इस बार बिहार विधानसभा चुनावों में 243 में से 202 सीटें मिली हैं. मोहम्मद ज़मा ख़ान बिहार में एनडीए के एकमात्र मुसलमान विधायक हैं.

बिहार में साल 2022-23 में हुए जातिगत सर्वे के मुताबिक़ राज्य में 17.7 प्रतिशत मुसलमान आबादी है.

लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व में मुसलमान बहुत पीछे हैं. राज्य में इस बार सिर्फ़ 11 मुसलमान विधायक चुन कर आए हैं.

इस नए मंत्रिमंडल के गठन को एनडीए गठबंधन में सभी सहयोगी दलों और सामाजिक समूहों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। युवाओं, महिलाओं और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल करने के साथ-साथ, इसमें कुछ ऐसे अनुभवी नेताओं को भी जगह दी गई है, जिनके पास प्रशासनिक अनुभव है। नीतीश कुमार की यह नई टीम बिहार के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में कितनी सफल होती है, यह भविष्य के गर्त में है।

Exit mobile version